what is resistance in electricity

बल्ब से लेकर कंप्यूटर तक सभी इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक चीजें छोटे छोटे कॉम्पोनेन्ट से मिलकर बने होते है। यदि इसमें कोई भी कम्पोनेट ख़राब या काम करना बंद कर दे तो पूरा डिवाइस यातो बंद हो जाता है या फिर ठीक से काम नहीं करता है। इनमे इस्तेमाल होने वाले पुर्जे बेसिक कॉम्पोनेन्ट कहलाते है। जैसे : रेसिस्टर, कपैसिटर,डायोड,ट्रांसिस्टर, आईसी (इंटेग्रेटेड सर्किट), सेल,एलईडी इत्यादि। इस पोस्ट में आपको रेसिस्टर के बारे में बताया जा रहा है। जैसे रेसिस्टर क्या होता है। कैसे काम करता है,इसका मान कैसे निकला जाता है तथा इसकी मल्टीमीटर से टेस्टिंग कैसे करते है।what is resistance in science

सबसे पहले रेसिस्टर क्या होता है।

रेसिस्टर का मतलब होता है। रोकना यानी किसी दबाव या बहाव को रोकना। रेसिस्टर का इस्तेमाल करंट को कम करने के लिए सर्किट में होता है। आपने पंखे की स्पीड को काम ज्यादा करने वाले स्विच को जरूर देखा हो। जिसे घुमाकर मनमुताबी पंखे की स्पीड को कण्ट्रोल करते है। जिसमे रेसिस्टर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अब डिजिटल रेगुलेटर के द्वारा यह काम किया जाता है। जिसमे ट्रांसिस्टर का इस्तेमाल होता है। रेसिस्टर विधुत धारा को अपने कैपेसिटी के अनुसार रोकता है। और जिस भाव को वह रोक नहीं पता वह उसमे से होकर गुजर जाता है। जिससे करंट कुछ कम हो जाता है। वैसे रेसिस्टर कई प्रकार के होते है। जिन्हे बनाया जाता है।what is resistor

प्रकृति में पाए जाने वाले हर पदार्थ में रेसिस्टर यानी प्रतिरोध का गुण होता है। जिसमे कोई करेंट का विरोध करता तो कोई प्रकाश और गर्मी उत्पन्न करते है। जो करंट का विरोध करते है। उन मेटेरियल से रेसिस्टर का निर्माण किया जाता है। हलाकि पदार्थ दो तरह के होते है पहला सुचालक दूसरा कुचालक।

  • सुचालक पदार्थ : जो अपने अंदर से करंट को होकर गुजरने देते है।
  • कुचालक पदार्थ : जो करंट का विरोध करते है।what is resistance in a circuit

सुचालक पदार्थ में कुचालक पदार्थ मिलकर विभिन्न मान के रेसिस्टर का निर्माण किया जाता है।
ज्यादातर रेसिस्टर बनाने के लिए कार्बन,मैगनीन,यूरेका,नाइक्रोम और टंगस्टन का इस्तेमाल होता है।
कार्बन से बनने वाले रेसिस्टर को कार्बन रेसिस्टर कहते है।

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