Heart line in palm

हस्तरेखा शास्त्र एक ऐसा ज्योतिष विद्या है। जिसमें व्यक्ति के हाथों की लकीरों को देख कर उन पर बने चिन्ह के अनुसार, भूत भविष्य वर्तमान की भविष्यवाणियां दी जाती है। हस्तरेखा ज्योतिष में हाथों की लकीरों का विशेष महत्व होता है। यह लकीरें व्यक्ति के हाथों पर स्थाई और अस्थायी दोनों रूप से होती। कहने का मतलब यह है की बहुत सी लाइन व्यक्ति के कर्मानुसार उनके विचारो के अनुसार बनती-बिगड़ती रहते हैं। हाथों पर बने चिन्ह जैसे क्रॉस सितारे अर्धचंद्राकार वर्ग आदि जिनका अध्ययन करके, भविष्य में आने वाले शुभ अशुभ घटनाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है। मुख्य रेखाएं होती हैं जो अपने नाम के हिसाब से फल देती हैं। यहां हम हाथ के महत्वपूर्ण रेखाओं के बारे में बताने जा रहे हैं। जो समय समय पर हस्तरेखा ज्योतिषियों द्वारा पूरी दुनिया में प्रचलित है। Palmistry Heart line in english

Heart line in palm – हृदय रेखा Heart line in palm

हृदयरेखा हथेली में कनिष्ठिका अंगुली के नीचे बुध पर्वत के नीचे से निकलकर सूर्य तथा शनि के क्षेत्रों को पार करती हुई गुरु पर्वत तक जाती है, लेकिन सभी हाथों में यह स्थिति नहीं होती। यह हथेली के उपरी हिस्से में उंगलियों के ठीक नीचे होती है। यह हृदय के प्राकृतिक और मनोवैज्ञानिक स्तर को दर्शाती है। यह रोमांस कि भावनाओं, मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति, भावनात्मक स्थिरता और अवसाद की संभावनाओं का विश्लेषण करने के साथ ही साथ हृदय संबंधित विभिन्न पहलुओं की भी व्याख्या करती है।

 

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