लहसुनिया केतु का रत्‍न है जो कि बेहद चमकीला होता है। अपनी विशेष बनावट के कारण इसे अंग्रेजी में ‘कैट्स आई’ कहा जाता है। ये सफेद, काला, पीला और हरा चार रंगों में पाया जाता है जिनमें से प्रत्‍येक में धारियां होती हैं।

लहसुनिया रत्न की प्राकृतिक उपलब्‍धता:

यह रत्‍न भी दूसरे रत्‍नों की तरह खान से निकाला जाता है। इसकी खाने भारत, चीन, श्रीलंका, ब्राजील और म्‍यांमार में मिलता है। ऐसा माना जाता है कि म्‍यांमार में पाया जाने वाला Lehsunia सबसे अच्‍छी क्‍वालिटी का होता है।

विज्ञान और लहसुनिया:

Lehsunia (Cats eye) Ratan Facts, Benefit in Hindi,
Lehsunia (Cats eye) Ratan Facts, Benefit in Hindi,

यह बेरिलियम का एल्‍युमिनेट है। इसी कारण यह अंधेरे में बिल्‍ली की आंख जैसा चमकता है। इसका घनत्‍व 3.78 होता है और कठोरता 8.50होती है।

ज्‍योतिष और लहसुनिया रत्न:

जन्‍मकुंडली में केतु दूषित हो, दुर्बल हो या अस्‍त हो तो Lehsunia पहनना लाभकारी होता है। कुंडली में निम्‍न बातें हो तो लहसुनिया पहना जा सकता है।

  1. कुंडली में दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें, नवें और दसवें भाव में यदि केतु उपस्थित हो तो लहसुनिया पहनना लाभकारी सिद्ध होता है।
  2. कुंडली के किसी भी भाव में अगर मंगल, बृहस्‍पति और शुक्र के साथ में केतु हो तो लहसुनिया अवश्‍य पहनना चाहिए।
  3. केतु सूर्य के साथ हो या सूर्य से दृष्‍ट हो तो भी Lehsunia धारण करना फायदेमंद होता है।
  4. कुंडली में केतु शुभ भावों का स्‍वामी हो और उस भाव से छठे या आठवें स्‍थान पर बैठा हो तो भी लहसुनिया पहना जाता है।
  5. कुंडली में केतु पांचवे भाव के स्‍वामी के साथ हो या भाग्‍येश के साथ हो तो भी Cat Eye Stone पहनना चाहिए।
  6. कुंडली में केतु धनेश, भाग्‍येश या चौथे भाव के स्‍वामी के साथ हो या उनके द्वारा देखा जा रहा हो तो भी लहसुनिया पहनना चाहिए।
  7. केतु की महादशा और अंतरदशा में भी Cat Eye Stone धारण करना अत्‍यंत फलदायक होता है।
  8. केतु से संबंधित वस्‍तुओं और इससे संबंधित स्‍थानों में उन्‍नति के लिए भी लहसुनिया धारण करें।
  9. केतु अगर शुभ ग्रहों के साथ हो तो भी Lehsunia धारण किया जाता है।
  10. भूत-प्रेत आदि से बहुत ज्‍यादा डर हो तो भी लहसुनिया पहन कर ऐसे डर को दूर किया जा सकता है।
  11. केतु से होने वाली जन्‍मदोष निवृत्ति के लिए भी लहसुनिया पहनना लाभदायक होता है।

लहसुनिया रत्न के गुण:

ये अपने आकार से ज्‍यादा वजन का लगता है। चमकदार और चिकना होता है साथ ही लंबी-लंबी सफेद धारियां होती हैं। अंधेरे में भी यह बिल्‍ली की आंख की तरह चमकता है। यह केतु का रत्‍न होता है और पहनने पर यह केतु से संबंधित दोष खत्‍म कर देता है।

लहसुनिया रत्न का प्रयोग

शनिवार को चांदी की अंगूठी में Lehsunia लगवाकर ऊं कें केतवे नम: मंत्र 17000बार जप करना चाहिए। इस प्रकार Lehsunia को जागृत कर उसे धारण करना चाहिए। इसे आधी रात को बीच की अंगुली में धारण करना चाहिए।

Lehsunia रत्न के विकल्‍प

यदि Lehsunia खरीदने में कोई असमर्थ हो तो संगी, गोदंत और गोदंती उसके उपरत्‍न हैं जिन्‍हें इसके स्‍थान पर धारण किया जा सकता है। इसके अलावा दरियाई Lehsunia अर्थात टाइगर्स आई भी इसके स्‍थान पर धारण किया जा सकता है।

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सावधानी

ऐसे Lehsunia को धारण नहीं करना चाहिए को किसी तरीके के खंडित हो और जिसे देखकर अच्‍छी अनुभूमि नहीं हो रही हो। इसके साथ ही Cat Eye Stone के साथा माणिक्‍य, मूंगा, मोती और पीला पुखराज नहीं पहनना चाहिए।

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