मासिक धर्म क्या है what is menstruation in hindi

what is menstruation in hindi . हिंदी में मासिक धर्म क्या है

किसी भी स्त्री को माहवारी (Menstrual time) आना स्वाभाविक है। इसकी शरुआत 10 से 15 वर्ष में शुरू हो जाती है। इस प्रक्रिया में स्त्री के अंडाशय में हर महीने एक अंडा बनता है।(Each month, an egg is formed in the ovaries.) जो की गर्भाशय से जुड़ा रहता है। जब इस अंडे से शुक्राणु नहीं मिलते तो यह अंडा फुट जाता है और बहने लगता है। जिसके वजह से योनि मार्ग में गाढ़ा खून निकलता है। लड़कियां जब किशोरावस्था में कदम रखने लगती हैं तो पहली बार मासिक-धर्म या माहवारी (menstruation) शुरू होती है। यह योनिमार्ग (Vaginal route) से महीने में 1 बार एक निश्चित अवधि (A certain period) में हुआ करती है जो लगभग 4 -5 दिनों तक रहता है। कई स्त्रियों के यह 6 से 7 दिन तक रहकर बंद हो जाता है।

मासिक धर्म का समय: menstruation cycle timeline

वैसे तो महिला को पहले माहवारी(Menstrual) आने के बाद दूसरा मासिक धर्म 27 दिन तो किसी को 28 दिन में होता है। ऋतुचक्र (menstruation cycle timeline) के अनुसार माहवारी का नियत समय पर होना जरूरी रहता है। इस क्रिया से स्त्रियों का गर्भाशय और प्रजनन संस्थान शुद्ध और स्वस्थ होकर गर्भाधान के लिए उपयुक्त क्षेत्र बने रहते हैं और स्त्रियों का स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहता है।
जब गर्भाशय, डिम्बकोष या प्रजनन संस्थान किसी भी वजह से बीमार हो जाते हैं। तब पीरियड की टाइमिंग(The timing of the period.) बिगड़ जाती है। और उन्हें अनेक प्रकार से मानसिक, शारीरिक कष्ट होने लगता है जैसेकि मासिक-धर्म का अनियमित आना (Irregular Periods), मासिक-धर्म का कष्ट के साथ आना (menstrual Come with pain.), माहवारी में कम या ज्यादा खून का आना (More or less menstrual bleeding.), माहवारी आदि।

 

अनियमित मासिक धर्म : irregular periods symptoms in hindi

महिलायों को मासिक-धर्म 28 दिन के बाद हुआ करता है लेकिन कई स्त्रियों को यह 24 दिन के बाद हो जाता है तथा कई महिलाओं को यह 32 दिन के बाद हो जाता है। यदि माहवारी 24 दिन के पहले यह 32 दिन के बाद आये यह अनियमित मासिक-धर्म(Irregular Periods) कहलाता है।

 

कारण: irregular periods causes in hindi

अधिक शारीरिक मेहनत करना (Physical labor), शरीर में खून की कमी (The lack of blood in the body), क्रोध (anger), अधिक ठंडी चीजों का सेवन करना(to eat more cool things ), शरीर को ठंड लग जाना(the body go cold), थकावट(exhaustion), मैथुन में पूर्ण संतुष्ट न होना(Not satisfied in sex.), शोक(grief), भावुकता(emotions), ईर्ष्या और किसी भी समय भोजन करना(jealousy and any time to eat) आदि बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिसके वजह से या तो माहवारी रुक जाती है। यह माहवारी देर से आती है। (It comes late menstruation.)
इसी प्रकार कभी-कभी माहवारी ज्यादा भी आती है।(menstruation bleeding more than usual) पीलिया, गठिया का रोग, गर्भाशय के पलट जाने, दुर्बलता, गर्भाशय में खून का इकट्ठा होना (Gathering of blood in the uterus.) तथा अधिक संभोग के वजह इस रोग की शिकायत हो जाती है। (Because the disease is reported more sexual intercourse.)

लक्षण: symptoms of pregnancy in hindi

सांस लेने में कष्टDifficulty in breathing, नींद न आने की शिकायत, कमर में दर्द complaining of back pain, भूख का न लगना loss of appetite, बार-बार उल्टी की इच्छा होना frequent vomiting , गर्भाशय के स्थान में दर्द uterine pain, स्तनों में दर्द(Breast pain), दिल की धड़कन का तेज होना, हर समय थकावट के कारण आलस्य, पेट में दर्द और शरीर में एलर्जी की शिकायत आदि मासिक-धर्म के विकार से सम्बन्धित लक्षण हैं।

अनियमित माहवारी पीरियड क्या होता है? what is menstruation period in hindi

अनियमित माहवारी पीरियड वह होता है जिसमें अवधि एक चक्र से दूसरे चक्र तक लम्बी हो सकती है, या वे बहुत जल्दी-जल्दी होने लगते हैं या असामान्य रूप से लम्बी अवधि से बिल्कुल बिखर जाते हैं। किशोरावस्था (adolescence) के पहले कुछ वर्षों में अनियमित पीरियड़(irregular periods)  होना क्या सामान्य बात है? हां, शुरू में पीरियड अनियमित ही होते हैं। हो सकता है कि लड़की को दो महीने में एक बार हो(The girl once in two months.) या एक महीने में दो बार हो जाए, समय के साथ-साथ वे नियमित होते जाते हैं।

पीड़ा दायक माहवारी क्या होती है? what is painful menstruation in hindi

पीड़ा दायक माहवारी (painful periods reason) मे निचले उदर में ऐंठनभरी पीड़ा होती है। किसी औरत को तेज दर्द हो सकता है जो आता और जाता है या मन्द चुभने वाला दर्द हो सकता है। इन से पीठ में दर्द हो सकता है। दर्द कई दिन पहले भी शुरू हो सकता है और माहवारी के एकदम पहले भी हो सकता है। माहवारी का रक्त स्राव कम होते(Decrease menstrual bleeding) ही सामान्यतः यह खत्म हो जाता है।

माहवारी का अभाव क्या होता है? menstruation absence causes in adults

यदि 16 वर्ष की आयु तक माहवारी न हो तो उसे माहवासी अभाव(absence of periods) कहते हैं। कारण है :-

  • औरत के जनन तंत्र में जन्म से होने वाला विकास – The woman’s reproductive system development from birth.
  • योनि (योनिच्छद) के प्रवेशद्वारा की झिल्ली में रास्ते की कमी – Reduction pathways in the membrane of the entrance of the vagina
  • मस्तिष्क की ग्रन्थियों में रोग। – Disease of the glands in the brain.

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घरेलु उपाय menstruation home remedies. periods aane ke gharelu nuskhe in hindi

बबूल Babul, Acacia

  • 100 ग्राम बबूल का गोंद कड़ाही में भून ले. अब इस भुनी हुए गोंद को महीन पीस कर चूर्ण बनाकर रख लें। इसमें से 10 ग्राम की मात्रा में गोंद और मिश्री के साथ मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से मासिक-धर्म का दर्द खत्म हो जाता है और माहवारी समय से आने लगता है।
  • गेरू 4.5 ग्राम और बबूल का भूना हुआ गोंद 4.5 ग्राम लेकर इनको पीसकर सुबह शाम पानी के साथ फंकी लेने से माहवारी के समय में अधिक खून का आना बंद हो जाता है।
  • बबूल की 20 ग्राम छाल को लेकर लगभग 400 मिलीलीटर पानी में उबालें, जब यह 100 मिलीलीटर शेष बचे तो इसे उतारकर ठंडा कर लें। अब छानकर इस काढ़े को दिन में 3 बार पिलाने से मासिक-धर्म में अधिक खून का बहना बंद हो जाता है।

 

पपीता Papaya

  • अगर आप कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर कहते है तो मासिक-धर्म सम्बन्धी विकार नष्ट हो जाते हैं।
  • यदि आपको माहवारी के समय में कम या ज्यादा दर्द होता है तो 1 कप पपीते का रस, 1 कप गाजर का रस, आधा
  • कपअनान्नास के रस को मिलाकर 2 महीने तक रोजाना 3 बार लेने से लाभ होता है।

 

दालचीनी Cinnamon

  • यदि आप दालचीनी का सेवन करती है तो अजीर्ण, उल्टी, लार, पेट का दर्द और अफारा मिटता है। यह स्त्रियों का ऋतुस्राव साफ करता है और गर्भाशय का संकोचन करती है।

 

इलायची Cardamom

  • इलायची, धाय के फूल, जामुन, मंजीठ, लाजवन्ती, मोचरस, तथा राल सभी को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को 2 लीटर पानी में उबालें, फिर इसको छानकर इस पानी से योनि को धोयें। इससे कुछ ही दिनों में योनि का लिबलिबापन, दुर्गंध आदि नष्ट हो जाती है तथा मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

नीम Neem

  • नीम की सूखी पत्तियां 10 ग्राम, 10-11 तुलसी की पत्तियां, 3 ग्राम पीपल, 10 ग्राम त्रिफला का चूर्ण, 5 ग्राम सोंठ, 2 ग्राम कालीमिर्च और 5 ग्राम जवाखार। इन सभी सामग्री को कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर शीशी में भरकर रख लें। इस चूर्ण में से 5-5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। इससे माहवारी से सम्बन्धी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं।

 

हींग Hing, Asafoetida

 

  • यदि आपको मासिक-धर्म के समय यदि दर्द होता है तो आधा ग्राम हींग को पानी में घोलकर कुछ दिनों तक नियमित रूप से सेवन करने से दर्द मिट जाता है।
  • माहवारी कम आता हो तो हींग का सेवन करने से मासिक स्राव नियमित रूप से आना शुरू हो जाता है।

 

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लहुसन Garlic

 

  • मासिक-धर्म यदि अनियमित हो लहसुन की 2 कलिया को रोजाना सेवन करने से मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

आंवला  Amla, Indian Gooseberry

  • यदि किसी को मासिक-धर्म में अधिक रक्तस्राव यानी खून का बहाव नहीं होता है। तो एक चम्मच आंवले का रस पके हुए केले के साथ कुछ दिनों तक लगातार सेवन करने से लाभ होता है।

 

सौंफ Saunf, Fennel

  • मासिक-धर्म सम्बन्धी हर तरह की शिकायते को समाप्त करने के लिए। सौंफ 10 ग्राम तथा पुराना गुड़ 10 ग्राम की मात्रा में लेकर इसे आधा लीटर पानी में उबालें। जब पानी तिहाई मात्रा में बचा रह जाए तो उसे छानकर पिए।

 

चुकन्दर Beetroot

 

  • चुकन्दर का रस एक कप गर्म करके इसमें थोड़ा-सा सेंधानमक मिलाकर कुछ दिनों तक पीते रहने से रुका हुआ मासिक-धर्म खुलकर आने लगता है।

 

खजूर Date

 

  • पिण्ड खजूर प्रतिदिन 100 ग्राम की मात्रा में 2 महीने तक लगातार सेवन करते रहने से मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

सोंठ Dry ginger

 

  • सोंठ, गुग्गुल और गुड़ तीनों को 10-10 ग्राम की मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर सोते समय पीने से मासिक-धर्म सम्बन्धी परेशानी दूर हो जाती हैं।
  • सोंठ 50 ग्राम, गुड़ 25 ग्राम, बायबिडंग 5 ग्राम तीनों को कुचलकर 2 कप पानी में उबालें। जब एक कप बचा रह जाए तो उसे पी लेना चाहिए। इससे मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

हल्दी turmeric

 

  • यदि गर्भाशय में कोई खराबी या सूजन है और मासिक-धर्म ठीक से न होता हो, तो एक चम्मच हल्दी गुड़ के साथ भूनकर खाना चाहिए।

 

अनार Pomegranate

 

  • अनार के थोड़े से छिलकों को सुखाकर फिर उसका चूर्ण बनाकर शीशी में भरकर रख ले। इसमें से 1 चम्मच चूर्ण को खाकर ऊपर से पानी पी लें। इससे बार-बार खून आने की शिकायत दूर हो जाती है।

 

धनिया coriander

 

  • लगभग 20 ग्राम धनिया को 200 मिलीलीटर पानी में डालकर उबालें जब 50 मिलीलीटर पानी शेष रह जाए तो छानकर मिश्री मिलाकर रोगिणी को सेवन करा दें। इस प्रयोग से मासिक-धर्म में अधिक रक्त का आना बंद हो जाता है।
  • लगभग 20-25 ग्राम धनिये के दानों को पानी में उबालें। जब लगभग आधा कप पानी बचा रह जाए, तो इसे छानकर उसमें गुड़ मिलाकर सेवन करने से मासिक-धर्म की परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।

 

करेला bitter gourd

  • 2 चम्मच करेले के रस में चीनी मिलाकर सेवन करने से मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

केला banana

 

  • केले के तने में से छाल (परत) निकालकर उसे कुचलकर उसका 4 चम्मच रस निकाल लें। इसे 7-8 दिनों तक निराहार (बासी मुंह) सेवन करने से किसी भी कारण से रुका हुआ मासिक-धर्म नियमित रूप से आने लगता है।

 

कालीमिर्च Black pepper

 

  • 4-5 कालीमिर्च के बारीक चूर्ण को एक चम्मच शहद में मिलाकर 20-25 दिनों तक सेवन करने से मासिक-धर्म की अनियमितता समाप्त हो जाती है।

 

मेथी Fenugreek

 

  • 50 ग्राम मेथी के बीज और 40 ग्राम मूली के बीजों को पीसकर बारीक चूर्ण बनाकर नियमित रूप से 2-2 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से मासिक-धर्म सम्बन्धी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

 

तिल sesame

 

  • तिल 5 ग्राम, 8 दाने कालीमिर्च, एक चम्मच पिसी सोंठ, 4 दाने छोटी पीपल। सभी को एक कप पानी में काढ़ा बनाकर पीने मासिक-धर्म सम्बन्धी शिकायतें दूर हो जाती हैं।

 

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One Response

  1. Manish 2017-02-10

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