हिंदी कहानियां

साढ़ेसाती

साढ़ेसाती वह चलते-चलते थक गया था, लेकिन अब मंजिल सामने थी। वह रास्ते के किनारे बैठ गया। वह अलीशान आश्रम को देखने लगा। हां, यही आश्रम हैं महान तांत्रिक रोहित स्वामी का। किसी ने उससे कहा था कि इस महान तांत्रिक से मिलो, बडे सिद्ध...

खगोश और लोमड़ी की सच्ची मित्रता की कहानी

Rabbits and squirrels story
 कहानी दो सच्चे मित्र की किसी जंगल में एक बहुत पुराना आम का पेड़ था। उस पेड़ के अंदर एक खरगोश और गिलहरी दोनों साथ रहते थे।दोनों रोज सुबह खाने  के लिए जाते और शाम को वापस आते उसी पेड़ में रहते। एक दिन अचानक मौसम...

तंत्र मंत्र विद्या की पौराणिक कथा

तंत्र मंत्र विद्या की पौराणिक कथा : इंद्र की सभा में एक अप्सरा नाचते-नाचते जब पृथ्वी पर बेहोश होकर गिर पड़ी तब तो चारों तरफ हलचल मच गई। तमाम देवता घबरा गए और इंद्र के तो क्रोध का ठिकाना ना रहा। उसकी सभा की नाचने...

गृहस्थी की जिम्मेदारी पूरी करो

(जय गुरुदेव ) जब विवेक हो, मोह भ्रम भागे तभी दया होगी। मोह भ्रम जाएगा नहीं, विवेक जागेगा नहीं तो क्या कोई साधना करेगा। किसी को साधु बनाना नहीं। गृहस्थी की जिम्मेदारी पूरी करो। परिवारिक सामाजिक जो भी जिम्मेदारी है उसे निभावो। बहुत सी...

भगवान शिव द्वारा पार्वती को बताए 5 ऐसे चमत्कारिक रहस्य जो आपके जीवन को बदल देगा!

भगवन शिव और देवी पारबती का एक दूसरे के प्रति अत्यन्त दृढ़ प्रेम हैं जो किसी भी तरह टूट नहीं सकता हैं लेकिनसाधारण मनुष्यों के भांति ही भगवन शिव और देवी पार्वती में भी छोटी बड़ी नोक झोक होती रहती हैं शिव की शिक्षाएं शिव ने...

तुलसीदास जी के दोहे हिंदी अर्थ सहित

तुलसीदास जी के दोहे हिंदी अर्थ सहित राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरीं द्वार | तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर || अर्थ : तुलसीदासजी कहते हैं कि हे मनुष्य ,यदि तुम भीतर और बाहर दोनों ओर उजाला चाहते हो तो मुखरूपी द्वार की जीभरुपी देहलीज़ पर...

जब किसी को आप जिंदा नहीं कर सकते हैं तो मारने का कोई अधिकार नहीं है

true moral tales in hindi.pptx
अकबर बादशाह के समय में गोस्वामी जी (तुलसीदास ) का काशी में बड़ा विरोध हुआ। लोगों की शिकायत पर अकबर ने उन्हें फतेहपुर सीकरी में बुलवा लिया और महल में कैद किया. गोस्वामी जी ने अनेक चमत्कार दिखाये फिर बीरबल ने बादशाह से कहा...

पति पत्नी और तलाक एक प्रेम कथा

पति-पत्नी के बीच का ऐसा धर्म संबंध जो कर्तव्य और पवित्रता पर आधारित होता है।। इस संबंध की डोर जितनी कोमल होती है, उतनी ही मजबूत भी। जिंदगी की असल सार्थकता को जानने के लिये धर्म-अध्यात्म के मार्ग पर दो साथी, सहचरों का प्रतिज्ञा...

संसार के अंतहीन जलूस का तुम सिर्फ एक हिस्सा हो?

मन सदा बादलों से घिरा रहता है। वह कभी निरभ्र, शुन्‍य आकाश नहीं होता। मन निर्मल हो ही नहीं सकता। तुम अपने मन को शांत-निर्मल नहीं बना सकते हो। ऐसा होना मन के स्‍वभाव में ही नहीं है। मन में चाहे वे विचार संगत हों...

नम्रता और मधुरता का जादू

 प्रेरक प्रसंग : वाणी की मधुरता से सहज ही सभी को मित्र और कर्कश वाणी से दुश्मन बनाया जा सकता है। “वाणी में इतनी शक्ति होती है कि कड़वा बोलने वाले का शहद भी नहीं बिकता और मीठा बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती...