अश्वगंधा चूर्ण के फायदे और नुकसान

अश्वगंधा के गुण, फायदे और नुक्सान (ashwagandha ke fayde)

अश्वगंधा(असगंध) एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है, जो हमारे आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से इस्तेमाल होती आ रही है| ये शुष्क क्षेत्रो़ में असगंध के जंगलो या कृषिजन्य पौधे 4000 फुट की ऊंचाई तक पाए जाते है|

इसके गुणों का वर्णन आयुर्वेद चिकित्सा और चीनी चिकित्सा विस्तार रूप से किया गया है,गुण के माध्यम से कृषिजन्य असगंध पौधे जंगली पौधे से उत्तम होते है| असली अश्वगंधा पौधे का रस की गंध घोड़े की मूत्र जैसी होते है, इसका अश्वगंधा नाम इसलिए पड़ा क्युकी इसका गंध घोड़े के पसीने के जैसा होता है|

Ashwagandha ke fayde

अश्वगंधा की पहचान : ashwagandha ki pehchan

इसका सर्वप्रथम इस्तेमाल भारत देश में हुआ असगंध का पौधा झाड़ीदार होता है, ये 50 से 75 सेमी लम्बा होता है,ये 35 से 90 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी जीवित रहता है, औषधि के रूप में इसकी जड़ उपयोग की जाती है, इसकी जड़ अंदर से सफ़ेद और बाहर से हल्का पीला, काडी, मोती-पतली 8 से 16 सेमी लम्बी होती है, औषधि के लिए इसकी जड़ को सुखाकर कर उपयोग किया जाता है|

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असगंध पौधे के फूल गुच्छो में लगते है जो लाल या पीले रंग के होते है, और इसके बीज पीले रंग के छोटे, चिकने होते है| असगंध को भारतीय जिनसेंग के नाम से जाना जाता है

अश्वगंधा चूर्ण के फायदे (ashwagandha powder)

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असगंध को इस्तेमाल करने सेक्स पावर में वृद्धि होती होती है, इसको सेवन करने से वीर्य ज्यादा मात्रा में बनता है और गुणवत्तापूर्ण रहता है| ये नपुंसकता के लिए फायदेमंद होता है आयुर्वेद में असगंध रामबाण औषधि है ये यौन शक्ति बढाकर कर नपुंसकता को कम करता है

  1. जो लोग सेक्स करते समय थक जाते है या कमजोरी महसूस करते करते है उनके लिए बहुत की गुणकारी औषधि है|
  2. असगंध खांसी और अस्थमा में रामबाण औषधि है, इसका चूर्ण गरम दूध के साथ सुबह शाम लेने से खांसी और अस्थमा(साँस फूलना) में बहुत लाभ मिलता है
  3. अश्वगंधा के चूर्ण को लम्बी साँस के साथ सूंघने या भोजन के साथ खाने से तनाव को दूर को करता है, और बल प्रदान करता है|

अश्वगंधा के औषधीय गुण, फायदे और नुकसान

अनुमस्तिष्कीय गतिभ्रंश :  ये एक मस्तिष्क की बीमारी है जिसमे अश्वगंधा के सेवन से ये बीमारी ठीक होती है और मस्तिष्क को संतुलन बनाये रखता है|

शरीर को रोंग : ये हमारे शरीर को रोंगो से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है

गठिया में लाभ : असगंध एक खास परिशिष्ट {Supplement(Articulin-F)}है और दूसरी जड़ी-बूटियों के साथ मिला का प्रयोग करने से गठिया में लाभ होता है|

पेट की बीमारि : असगंध शरीर के वात रोंगो में लाभदायक है| तीन भाग मिश्री, एक भाग सोंठ और दो भाग अश्वगंधा चूर्ण को सामान सुबह शाम लेने वात, गैस, पेट की बीमारियों से छुटकारा मिलता है|

तेजी से लम्बाई बढ़ाएँ : ये लम्बाई बढ़ाने में बहुत ही लाभदायक होता है इसे एक ग्लास दूध में दो चम्मच घोलकर पीने से रुकी हुए लम्बाई बढ़ती है|

खून में वृद्धि : असगंध के प्रयोग से खून की मात्रा में वृद्धि होती है प्रतिदिन में दो-दो ग्राम लेने से खून की मात्रा को बढ़ा देता है|

ब्लड शुगर : इसके सेवन से ब्लड शुगर का स्तर कम होता है और मधुमेह के बीमारी पर नियंत्रण रखता है, इसके चूर्ण का इस्तेमाल कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी होता है|

नींद न आने की बीमारी(अनिद्रा) में : अश्वगंधा काफी प्रभावशाली है, इसके इस्तेमाल से थकान मिट जाती है और नींद अच्छी आती है|

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए : असगंध, मुलहठी और आंवला तीनो का सामान मात्रा में प्रयोग किया जाये तो आँख की रौशनी बढ़ती है|

ये और भी बीमारियों में लाभदायक है

  1. टूबरक्लोसिस(टी बी)
  2. लीवर की बीमारी
  3. सूजन
  4. रोगो से लड़ने की क्षमता बढ़ाने में आदि

अश्वगंधा के गलत प्रयोग से यह नुकसान हो सकते है

  • असगंध को किसी और बीमारी के औषधि के साथ लेने से ये उस औषधि का प्रभाव कम कर सकता है
  • असगंध के ज्यादा सेवन से नींद ज्यादा आती है
  • गर्भवती स्त्रियों को तथा जिसके पेट में अलसर हो या खाली पेट हो उन्हें अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए

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4 COMMENTS

  1. क्या अश्वगंधा ओर दूध के साथ गुड़ का सेवन कर सकते हैं एवम इससे लंबाई बढ़ सकती है क्या

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