नजला जुकाम, छींकों के आयुर्वेद में अदभुत आयुर्वेदिक उपचार

नजला जुकाम, छींकों के आयुर्वेद में अदभुत आयुर्वेदिक उपचार :  जुकाम से शरीर में सबसे ज्यादा नाक और गला प्रभावित होता है। यह वैसे तो इन्फ्लुएन्जा का ही रूप है पर इन्फ्लुएन्जा की तरह इसमें बुखार बिल्कुल नहीं होता है। गीला जुकाम होने पर आंखे लाल हो जाती है और नाक से लगातार पानी आता रहता है। शरीर में थकान सी भी महसूस होती है। 3-4 दिन के बाद जुकाम पक जाता है और गाढे़ पीले रंग के बलगम के रूप में नाक से निकलने लगता है। जो सूखा जुकाम बन जाता है। इस में ज्यादातर नाक बंद हो जाती है और रोगी को मुंह से सांस लेनी पड़ती है। अगर नाक से पानी आए तो समझना चाहिए कि रोगी को जुकाम है, अगर जुकाम का पानी गले में चले जाए और बलगम के रूप मे मुंह से बाहर थूकना पड़े तो उसे नजला समझ लेना चाहिए।

नजला (जुकाम) की पहचान – home remedies for cold cough najla jukam

आरम्भ में नाक में खुश्की होती है। जिसके कारण छींकें आने लगती हैं। आंख-नाक से पानी निकलना शुरू हो जाता है। जब श्लेष्मा यानि पानी गले से नीचे उतरकर पेट में चला जाता है जो खांसी का कारण बनता है। कफ आने लगता है। कान बंद-से हो जाते हैं। आंखें लाल और माथा भारी हो जाती हैं। बार-बार नाक बंद होने के कारण सांस लेने में परेशानी होती है। रोगी को मुंह से सांस लेनी पड़ती है। नजला (जुकाम) होने पर रात में नींद नहीं आती।

जुकाम का घरेलू उपचार

सुहागा: सुहागा को लेकर तवे पर गर्म करे। (गर्म करने पर सुहागा पिघल जाता है) सेकने के बाद उसको महीन पीस कर चूर्ण बना ले और अब इसकी एक चुटकी की मात्रा में आधा कप पानी में घोल कर पिए। दिन में चार बार इसकी खुराक लेने से जुकाम ठीक हो जाता है।
कपूर: कपूर को किसी कपडे में बांध कर पोटली ले और इसे नाक से सूंघे ऐसा करने से बंद नाक खुल जाती है।
कालीमिर्च:कालीमिर्च 5 दाने और तुलसी के 10 पत्तों को पानी में मिलाकर उबाल लें। फिर इसके अन्दर थोड़ा सा गुड़ और देशी घी या सेंधानमक डालकर पी लें। इसको पीने से जुकाम पूरी तरह से ठीक हो जाता है छोटे बच्चों को तुलसी के पत्ते पानी की बजाय दूध के अन्दर उबालकर देने से भी जुकाम में लाभ होता है।
सौंठ:सौंठ (सूखी अदरक) और गुड़ को पानी में डालकर पकाने के लिए आग पर रख दें। पकने पर जब पानी चौथाई हिस्सा बाकी रह जाये तो इसे गर्म-गर्म ही छानकर 3 बार में पी जायें। इससे जुकाम में बहुत लाभ होता है।
10-10 ग्राम सोंठ, चिरायता, कटेरी की जड़, अडूसे की जड़ और 6 ग्राम छोटी पीपल को एक साथ मिलाकर 1 कप पानी में डालकर काढ़ा बना लें। पकने पर जब काढ़ा आधा बाकी रह जाये तो इसे उतारकर छानकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
गन्ना:10 ग्राम गुड़, 40 ग्राम दही, 3 ग्राम मिर्च चूर्ण, तीनों को मिलाकर सुबह तीन दिन तक लेने से बिगड़ा हुआ सूखा जुकाम, नाक और मुंह से दुर्गन्ध आना, गला पक जाना, कास श्वासयुक्त प्रतिश्याय रोग नष्ट हो जाता है।
तुलसी:कालीमिर्च, तुलसी, दालचीनी और लौंग का काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम के रोग में लाभ होता है।
लगभग 6-7 तुलसी के पत्ते, 1 चम्मच गुलकन्द, 2 कालीमिर्च के दाने, सोंठ की 1 गांठ और 2 लौंग को एक साथ मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम में लाभ होता है।
तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पीने से जुकाम के जीवाणु समाप्त हो जाते हैं और बंद नाक भी खुल जाती है।
तुलसी के सूखे पत्तों का काढ़ा बनाकर नाक से सूंघने से जुकाम और नाक के कीड़े और जख्म आदि नाक के रोग दूर हो जाते हैं।
तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसके अन्दर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पीने से सर्दी और गर्मी में होने वाला जुकाम, बलगम और सिरदर्द ठीक हो जाता है।

नजला (जुकाम) के घरेलु नुस्खे – najla jukam ka ayurvedic ilaj

कपूर -Kapoor

कपूर, Kapoorजुकाम होने पर कपूर को नाक से सूंघने से भी जुकाम ठीक हो जाता है।
लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग कपूर को 1 चम्मच बताशे या चीनी में डालकर मुंह में रखकर ऊपर से पानी पीने से जुकाम में लाभ होता है। शुरुआत में एक ही बार लेना काफी है अगर जरूरत पड़े तो दूसरी बार भी ले सकते हैं।

कायफल –  box myrtle

कायफल,  box myrtleप्रतिश्याय (जुकाम) होने पर कायफल को नाक में डालने से आराम आता है

कुलिंजन – Kulanjan

कुलिंजन, Kulanjanलगभग आधा ग्राम कुलिंजन का चूर्ण सुबह-शाम शहद के साथ चाटने से बूढ़ों और बच्चों को सर्दी-खांसी में बहुत आराम मिलता है।

सोंठ – dry ginger

सोंठ,dry gingerसोंठ के साथ कायफल का काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।

जुकाम होने पर लगभग 60 मिलीग्राम से 120 मिलीग्राम अंकोल की जड़ की छाल को घोरबच या सोंठ के साथ चावल के पानी में उबालकर रोजाना 2 बार पीने से आराम आता है।

हल्दी -turmeric

हल्दी, turmericलगभग 2 से 4 ग्राम हल्दी के चूर्ण को दूध में मिलाकर उबाल लें। फिर उसके अन्दर गुड़ मिलाकर रात को सोने से पहले जुकाम के रोगी को पिला कर सुला दें पर इसके ऊपर पानी बिल्कुल ना पीने दें। सुबह जुकाम ठीक होकर नाक से पानी बहना भी रुक जायेगा।
जुकाम के शुरू होने पर हल्दी को आग में डालकर उसके धुंए को नाक से लेने से आराम आ जाता है। इसके बाद थोड़ी देर तक पानी नहीं पीना चाहिए।

कुसुम – Safflower

कुसुम,Safflowerकुसुम के शुष्क (सूखे) फूलों की फांट को पिलाने से जुकाम ठीक हो जाता है। इसको पीने के बाद बहुत ज्यादा पसीना आता है।

कुसुम के फूलों के मुलायम पत्तों की सब्जी खाने से जुकाम ठीक हो जाता है।

सेंधानमक  – Rock salt

सेंधानमक, Rock salt10 ग्राम सेंधानमक को लगभग 900 मिलीलीटर पानी में मिलाकर घोल बना लें। इस घोल को नाक में डालने से सिरदर्द ठीक हो जाता है। यह घोल जुकाम और इन्फ्लूएन्जा के रोग में भी बहुत लाभ करता है

 नागकेसर – Nagakesar

 नागकेसर,Nagakesar नागकेसर (पीला नागकेसर) के पत्तों का लेप को सिर पर लगाने से बहुत तेज जुकाम भी ठीक हो जाता है।

दालचीनी – Cinnamon

दालचीनी, Cinnamon लगभग 1 से 3 बूंद दालचीनी के तेल को मिश्री के साथ रोजाना 2-3 बार सेवन करने से जुकाम में आराम आता है। थोड़ी सी बूंदे इस तेल की रूमाल में डालकर सूंघने से भी लाभ होता है।

 लौंग – Cloves

 लौंग, Clovesलौंग को गर्म पानी के साथ पीसकर माथे पर लगाने से सिरदर्द और जुकाम ठीक हो जाता है।

कस्तूरी – Musk

जुकाम होने पर जबादकस्तूरी को सूंघने से भी जुकाम में आराम आ जाता है।

हींग – Asafoetida

हींग, Asafoetidaहींग और कपूर को बराबर मात्रा में लेकर उसके अन्दर थोड़े से शहद को मिलाकर लगभग 1 ग्राम के चौथे भाग की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। इस 1 गोली को हर 4 से 6 घंटे के बाद अदरक के रस के साथ मिलाकर चाटने से जुकाम ठीक हो जाता है।

जुकाम में क्या खाएं क्या नहीं ? Jukam me kya khaye kya nahi

  • चाय, दूध, अमरूद और पपीता, पालक, मेथी आदि की सब्जी, गेहूं तथा जौ की चपाती खाएं।
  • बहुत ठंडी और बहुत गरम तासीर वाली चीजें न खाएं।
  • रात को बंद कमरे में लेटकर अदरक, तुलसी और कालीमिर्च का काढ़ा पीकर सो जाएं।
  • गुनगुना पानी पिएं| मट्ठा, छाछ, दही, बर्फ, ठंडा पानी, आलू, करेला, बैंगन, फूलगोभी, मूली, टमाटर, सेब, नाशपाती, केला आदि का सेवन न करें।
  • यदि जुकाम के साथ पेट में भारीपन मालूम पड़े तो मूंग की दाल की खिचड़ी खाएं।

 

 

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