स्वामी विवेकानंद का जीवन मंत्र Swami Vivekananda’s life mantra

मन

स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि मन में उठते अनगिनत विचारो में किसी एक सकारात्मक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बना लें। कुविचार को त्याग कर केवल उसी विचार के बारे में सोचने और उसे लागू करने की कोषिष से सफलता कदम चूमेगी।

वचन

बिना मांगे सलाह देना, झूठी-सच्ची बातों से खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की कोषिष करना, ये सभी कायर व्यक्ति के लक्षण होते हैं। साहसी व्यक्ति कम बोलते हैं और जरूरत चडने पर सार्थक बातें करते हैं।

कर्म

असफलता मिलने पर हम दुखी होते हैं। यह सोचते रहते हैं कि ऐसा क्यों हुआ। यह सच है कि कर्म भले ही सदैव सुख न ला सकें, पर कर्म के बिना सुख भी नहीं मिलता।

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