Stories For Kids in Hindi : एक गांव में धोबी परिवार में झगड़ा हुआ. धोबिन — चुपचाप घर से निकल गई और शहर में जाकर एक धर्मशाला में रहने लगी. एक दूसरे गांव में — एक धुनियां परिवार में झगड़ा हुआ. —- कड़ेरा (धुनियां) भी घर से नाराज़ होकर शहर कि ओर चला गया और उसी धर्मशाला में रहने लगा जिसमें धोबिन रहती थी.

कुछ दिन बाद कड़ेरे ने उस स्त्री से पूछा कि तुम किस जाति की हो. स्त्री ने सोचा कि छोटी जाति क्यों बताई जाय और बोली कि मैं ब्राम्हण हूँ. कड़ेरे ने भी वही बात सोची और कहा कि मैं भी ब्राम्हण हूँ. वह फिर बोला कि मैं ब्राम्हण और तुम भी ब्राम्हण –

मैं भिक्षा मांग कर लाऊँगा और तुम भोजन बना दिया करो. धोबिन ने कहा कि ठीक है. अब दोनों उसी धर्मशाला में रहने लगे. कड़ेरा भिक्षा मांगकर लाता था और धोबिन पकाकर उसे खिलाती थी.

Stories For Kids in Hindi : Emaan Ko Kharaab Kar Deta Hai.

 

संयोगवश — कुछ दिनों बाद एक पुत्र हुआ. लड़का बहुत ही सुन्दर था. माँ-बाप ने सोचा कि इस बालक को खूब पढ़ा लिखा कर पंडित बना दिया जाए. बालक खूब मेहनत से पढ़ता था. और कुछ वर्षों के बाद वह बहुत विद्वान पंडित हुआ. यह जगह २ जाकर उप-देश करने लगा. Stories For Kids in Hindi

किसी गाँव के एक डोम परिवार में बहुत जबरदस्त लड़ाई हुई और गाँव वालों ने अपराधी परिवार को अपने गांव से निकाल दिया. वह बिचारा घूमता घूमता शहर आया और उसी धर्मशाला में टिका जिसमें कड़ेरा और धोबिन रहते थे. एक दिन कड़ेरे ने उस डोम से पूछा कि तुम किस जाति के हो. डोम ने सोचा कि परदेश में मुझे कौन जानता है और छोटी जाती का क्यों बताऊँ. वह चट बोल पड़ा कि ब्राम्हण हूँ. फिर कड़ेरे ने कहा कि मैं भी ब्राम्हण और तुम भी ब्राम्हण हो. मेरे एक सुन्दर लड़का है और तुम्हारी लड़की भी सुन्दर है. दोनों का जोड़ा अच्छा रहेगा, यदि इन दोनों का विवाह हो जाय तो अति सुन्दर हो. डोम ने जवाब दिया कि बहुत ठीक है. उन दोनों का विवाह हो गया और वे सुख पूर्वक रहने लगे. Stories For Kids in Hindi

एक दिन पंडित जी के माता-पिता व स्त्री ने कहा कि तुम रोज कथा कहने के लिए जाते हो और एक दिन हम लोगों को भी लिवा चलो. पंडित जी सबको कथास्थल पर ले गये. उन्होंने कथा शुरू कि. काफी लोग सुनने के लिए आते थे. कथा के प्रसंग में उन्होंने कहा कि “जो झूठ बोलकर किसी के ईमान को खराब कर देता है वह सबसे बड़ा पापी है.” कथा समाप्त होने पर सभी लोग घर लौट आये.

घर पर काफी देर हो गई. पंडित जी के पास न तो माँ आई और न स्त्री ही आई कि भोजन दे. काफी देर तक जब कोई पूछने नहीं आया तो पंडित जी स्वयं उन लोगों के पास चले. उन्होंने देखा कि सभी अलग २ मुंह फुलाये बैठे हैं. सबसे पहले पंडित अपने पिता के पास गये और उन्होंने पूछा कि पिता जी आप उदास क्यों हो. पिता ने जवाब दिया बेटा बात यह है कि आज कथा में मैंने सुना कि जो झूठ बोलकर दूसरों के ईमान को खराब कर देता है वह सबसे बड़ा पापी है. तो बात यह है कि मैं कड़ेरा हूँ और तुम्हारी माँ ब्राम्हण है. मैंने झूठ बोलकर उसके ईमान को खराब कर दिया है अतः मुझे बहुत दुख है. पंडित जी ने कहा कि अब आप चुप रहियेगा. Stories For Kids in Hindi

इसके बाद वे अपनी माँ के पास गये और बोले कि माँ आज तुम इतनी शांत क्यों हो कि मुझ खाना तक नहीं दिया. माँ ने कहा कि बेटा मैंने आज कथा में सुना कि जो झूठ बोलकर दूसरे के ईमान को खराब कर देता है वह सबसे बड़ा पापी है. मैंने झूठ बोलकर तुम्हारे पिता के ईमान को खराब कर दिया है क्यों कि मैं तो धोबिन हूँ और तुम्हारा बाप ब्राह्मण है.

अब पंडित जी अपनी स्त्री के पास गये और बोले कि क्या बात है कि इस तरह चुपचाप उदास बैठी हो. स्त्री ने जवाब दिया कि मैंने कथा में सुना कि कोई झूठ बोलकर किसी के ईमान को खराब कर देता है वह सबसे बड़ा पापी है. तो मैं जाति की डोमिन हूं. और ब्राह्मण परिवार में ब्याही गई हूं इसका मुझे बहुत दुख है. पंडित जी उसकी बात को सुनकर चुप थे.

दूसरे दिन मंच पर जब पंडित जी कथा कहने के लिये बैठ गये तो लोग उनके पैर छूने के लिए आगे आये. पंडित जी ने उन्हें ऐसा करने से मना किया और जोर से दोहा पाठ किया :

बाप कड़ेरा, मां धोबेनियां, डोमिन घर कि जाई |

आज से पंड़ित कोई न कहियो, अंध धुंध बनी आई ||

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