कान शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसकी रचना जटिल और अत्यंत नाजुक है। कान दर्द (earache) का मुख्य कारण युस्टेशियन नली में अवरोध पैदा होना है। यह नली गले से शुरु होकर मध्यकर्ण को मिलाती है। यह नली निम्न कारणों से अवरुद्ध हो सकती है– kaan dard ka gharelu upay

कान दर्द के कारण kaan dard ka gharelu upay

  • सर्दी लग जाना। Catch cold.
  • लगातार तेज और कर्कष ध्वनि। Consistently sharp and dissonant sound.
  • कान में चोंट लगना। Injury to the ear.
  • कान में कीडा घुस जाना या संक्रमण होना। Ear Worm infiltration Or infections.
  • कान में अधिक मैल(वाक्स) जमा होना। More wax to be stored in the ear.
  • नहाते समय कान में पानी प्रविष्ठ होना। Go bathing water in the ear.

कान दर्द का घरेलू उपाय

बडों के बनिस्बत छोटे बच्चों को कान दर्द अक्सर हो जाता है। बच्चों मे प्रतिरक्षा तंत्र अविकसित रहता है और युस्टेशियन नली भी छोटी होती है अत: इसके आसानी से जाम होने के ज्यादा अवसर होते हैं। रात के वक्त कान दर्द अक्सर बढ जाया करता है। कान में किसी प्रकार का संक्रमण होने से पहिले तो कान की पीडा होती है और इलाज नहीं करने पर कान में पीप पडने का रोग हो जाता है। kaan dard ka gharelu upay

कान दर्द निवारक घरेलू पदार्थों के उपचार :कान के दर्द से छुटकारा पाने के कुछ सरल उपाय

  1. दर्द वाले कान में हायड्रोजन पेराक्साइड की कुछ बूंदे डालें। इससे कान में जमा मैल( WAX) नरम होकर बाहर निकल जाता है। अगर कान में कोइ संक्रमण होगा तो भी यह उपचार उपकारी रहेगा। हायड्रोजन में उपस्थित आक्सीजन जीवाणुनाशक होती है।
  2.  लहसुन संस्कारित तेल कान पीडा में हितकर है। 10 मिलि तिल के तेल में 3 लहसुन की कली पीसकर डालें और इसे किसी बर्तन में गरम करें। छानकर शीशी में भरलें। इसकी 4-5 बूंदें  कान में टपकादें। रोगी 10 मिनिट तक लेटा रहे। फ़िर इसी प्रकार दूसरे कान में भी दवा डालें। कान दर्द और बहरेपन में लाभ प्रद नुस्खा है।
  3. जेतुन का तेल मामूली गरम करके कान में डालने से दर्द में राहत होती है|
  4. मुलहठी कान दर्द में उपयोगी है। इसे घी में भूनें । बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे कान के बाह्य भाग में लगाएं। कुछ ही मिनिट में दर्द समाप्त होगा। kaan dard ka gharelu upay

कान दर्द की दवा : कान दर्द का घरेलू उपाय

  1. बच्चों के कान में पीब होने पर स्वस्थ स्त्री के दूध की कुछ बूंदें कान में टपकादें। स्त्री के दूध में प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने के गुण विद्यमान होते हैं। उपकारी उपचार है।
  2. कान में पीब होने पर प्याज का रस लाभप्रद उपाय है। प्याज का रस गरम करके कान में 2-4 बूंदे डालें। दिन में 3 बार करें। आशातीत लाभकारी उपचार है।
  3. अजवाईन का तेल और तिल का तेल 1:3 में मिक्स करें। इसे मामूली गरम करके कान में 2-4 बूंदे टपकादें। कान दर्द में उपयोगी है।
  4. पांच ग्राम मैथी के बीज एक बडा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। छानकर शीशी में भर लें। 2 बूंद दवा और 2 बूद दूध कान में टपकादें। कान पीप का उम्दा इलाज माना गया है।
  5. तुलसी की कुछ पत्तिया और लहसुन की एक कली पीसकर पेस्ट बनालें। इसे गरम करें। कान में इस मिश्रण का रस 2-3 बूंद टपकाएं। कान में डालते समय रस सुहाता गरम होना चाहिये। कान दर्द का तत्काल लाभप्रद उपचार है।
  6. कान दर्द और पीब में पेशाब की उपयोगिता सिद्ध हुई है। ताजा पेशाब ड्रापर में भरकर कान में डालें,उपकार होगा।
  7. मूली कान दर्द में हितकारी है। एक मूली के बारीक टुकडे करलें । सरसों के तेल में पकावें। छानकर शीशी में भर लें ।कान दर्द में इसकी 2-4 बूंदे टपकाने से आराम मिल जाता है।
  8. गरम पानी में सूती कपडा भिगोकर निचोडकर 3-4 तहें बनाकर कान पर सेक के लिये रखें। कान दर्द परम उपकारी उपाय है।
  9. सरसों का तेल गरम करें । सुहाता गरम तेल की 2-4 बूंदे कान में टपकाने से कान दर्द में तुरंत लाभ होता है।
  10. सोते वक्त सिर के नीचे बडा तकिया रखें। इससे युस्टेशियन नली में जमा श्लेष्मा नीचे खिसकेगी और नली साफ़ होगी। मुंह में कोई चीज चबाते रहने से भी नली का अवरोध हटाने में मदद मिलती है।

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