जुकाम का घरेलू उपचार

जुकाम का उपचार : जुकाम का देसी इलाज :

सर्दी जुकाम की दवा sardi jukam ka ilaj

1. जुकाम होने पर काली मिर्च, गुड़ और दही मिलाकर खाएँ। इससे बंद नाक खुलती है।

जुकाम का आयुर्वेदिक इलाज

2 रोज रात को उबाल-उबाल कर आधा किया हुआ जल गुनगुना कर पीने से जल्दी फायदा होगा।

 सर्दी जुकाम और खांसी

3 सौंठ, पिप्पली,बेल का गुदा और मुनक्का को एक चौथाई होने तक पानी में उबालें। इसे छानकर उतना ही सरसों का तेल डालकर फिर उबालें। जब पानी हवा में उड़ जाए तब उतारकर ठंडा कर लें। इस मिश्रण की एक बूँद नाक में डालने से जुकाम की लगातार चलने वाली छींकें बंद होगी।

जुकाम की दवा

4 दूध में जायफल, अदरक, तथा केसर डालकर खूब उबालें। जब आधा हो जाए तब गुनगुना करके पिएँ। जुकाम में तुरंत राहत मिलेगी।

बंद नाक खोलने के उपाय

5 सात-आठ काली मिर्च को घी में तड़का लें और फटाफट खाते जाएँ ऊपर से गर्मागर्म दूध या पानी पिएँ तो जुकाम से लड़ने की शक्ति बढ़ेगी और कफ खुलेगा।

बार बार जुकाम होना

6 पान के रस में लौंग व अदरक का रस मिलाए फिर इसे शहद के साथ पिएँ, जुकाम गायब होगा।

जुकाम का घरेलू उपचार

सुहागा: सुहागा को लेकर तवे पर गर्म करे। (गर्म करने पर सुहागा पिघल जाता है) सेकने के बाद उसको महीन पीस कर चूर्ण बना ले और अब इसकी एक चुटकी की मात्रा में आधा कप पानी में घोल कर पिए। दिन में चार बार इसकी खुराक लेने से जुकाम ठीक हो जाता है।
कपूर: कपूर को किसी कपडे में बांध कर पोटली ले और इसे नाक से सूंघे ऐसा करने से बंद नाक खुल जाती है।
कालीमिर्च:कालीमिर्च 5 दाने और तुलसी के 10 पत्तों को पानी में मिलाकर उबाल लें। फिर इसके अन्दर थोड़ा सा गुड़ और देशी घी या सेंधानमक डालकर पी लें। इसको पीने से जुकाम पूरी तरह से ठीक हो जाता है छोटे बच्चों को तुलसी के पत्ते पानी की बजाय दूध के अन्दर उबालकर देने से भी जुकाम में लाभ होता है।
सौंठ:सौंठ (सूखी अदरक) और गुड़ को पानी में डालकर पकाने के लिए आग पर रख दें। पकने पर जब पानी चौथाई हिस्सा बाकी रह जाये तो इसे गर्म-गर्म ही छानकर 3 बार में पी जायें। इससे जुकाम में बहुत लाभ होता है।
10-10 ग्राम सोंठ, चिरायता, कटेरी की जड़, अडूसे की जड़ और 6 ग्राम छोटी पीपल को एक साथ मिलाकर 1 कप पानी में डालकर काढ़ा बना लें। पकने पर जब काढ़ा आधा बाकी रह जाये तो इसे उतारकर छानकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है।
गन्ना:10 ग्राम गुड़, 40 ग्राम दही, 3 ग्राम मिर्च चूर्ण, तीनों को मिलाकर सुबह तीन दिन तक लेने से बिगड़ा हुआ सूखा जुकाम, नाक और मुंह से दुर्गन्ध आना, गला पक जाना, कास श्वासयुक्त प्रतिश्याय रोग नष्ट हो जाता है।
तुलसी:कालीमिर्च, तुलसी, दालचीनी और लौंग का काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम के रोग में लाभ होता है।
लगभग 6-7 तुलसी के पत्ते, 1 चम्मच गुलकन्द, 2 कालीमिर्च के दाने, सोंठ की 1 गांठ और 2 लौंग को एक साथ मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से जुकाम में लाभ होता है।
तुलसी के पत्तों की चाय बनाकर पीने से जुकाम के जीवाणु समाप्त हो जाते हैं और बंद नाक भी खुल जाती है।
तुलसी के सूखे पत्तों का काढ़ा बनाकर नाक से सूंघने से जुकाम और नाक के कीड़े और जख्म आदि नाक के रोग दूर हो जाते हैं।
तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसके अन्दर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पीने से सर्दी और गर्मी में होने वाला जुकाम, बलगम और सिरदर्द ठीक हो जाता है।

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