संसद के अंदर और बाहर भले ही नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी Inside and outside Parliament, even if Narendra Modi and Rahul Gandhi

नरेन्द्र मोदी और राहुल गाँधी भले ही संसद के अंदर और बाहर तेज करार रूख अपनाएं दिख रहें हैं, लेकिन शुक्रवार को पीएम की मीटिंग कॉग्रेस प्रतिनिधिमंडल से होने के दौरान मैफिल काफी खुशगवार दिखाई दिया।

मीटिंग के अंत में राहुल गाँधी से पीएम मोदी ने कहा कि हमें सदैव इस तरह से ही मिलते रहना चाहिए।
अभी जल्द ही राहुल गाँधी ने पीएम मोदी के निजी करप्शन के बारे में जानकारी दी जिसके कारण इस मीटिंग को महत्वपूर्ण गया।

किसानों के लिए मीटिंग के चलते राहुल ने किसानों को उनकी फसल पर अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने की मांग किये, और किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए, नोटबंन्दी के बाद इकठ्ठा रकम को इस्तेमाल करने की मांग की।
पीएम से मिलने के बाद राहुल गाँधी ने मीडीया से बातचीत करते समय कहा कि प्रधानमंत्री जी ने मना कि किसानों कि हालात गंभीर है, किन्तु कर्ज माफ करने के इस वार्ता पर चुप रहे और सिर्फ सुना ही।
राहुल ने कहा कि पीएम को याद दिलाया गया कि पंजाब समेत पूरे देश में किसान किस तरह से मौत को गले लगा रहा हैं।
संसदीय दल को सम्बोधित करते हुए पीएम ने 16 तरीख बांग्ला विमोचन दिवस कि याद दिलाया और सर्जिकल स्ट्राइक पर उठने वाले सवालों को लेकर विपक्षी दलों पर हमला बोला उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष को सबूत नहीं चाहिए थे किन्तु वह आज सबूत को मांगता हैं।

पीएम ने कहा कि सरकार पहले से अब काफी कुछ बदल गई हैं, उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष संघर्ष करता था, और सत्ता पक्ष घोटले करता था, और आज सत्ता पक्ष करप्शन और कालेधन के विरूद्ध मुहीम शुरू की किन्तु विरोधी दल खिलाप खड़े हैं।

वह कहते हैं कि पीएम ने जनता से भ्रस्टाचार से निपटने कि लिए मदद मांगी ऐसा स्वविकार किया जा रहा था संसदीय दल की बैठक में राहुल गाँधी द्वारा निजी करप्शन के अरोप लगाए जाने पर पीएम मोदी तेज करार हमला कर सकते है। उन्होंने मंच पर बीजेपी सांसद को देश भर में डीमाॅनेटाजेशन के लाभ का प्रचार व इसमें लोगो से सहयोग करने के लिए आग्रह किए।

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