हमारे जीवन के उद्दॆश्य Our lives Uddeshy

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हमारे जीवन के उद्दॆश्य  Our lives Uddeshy

जीवन में कुछ करना है- तो मन को मारे मत बैठो,
आगे बढ़ना है तो-हिम्मत हारे मत बैठो।
पृथ्वी चलती तारे चलते चाँद रात भर चलता है,
किरणों का उपहार बाँटने सूरज रोज निकलता है।
हवा चले तो महक बिखेरे तुम भी प्यारे मत बैठो,
आगे आगे बढ़ना है तो…………..

तेज दौड़ने वाला खरगोस दो पल में हार गया।
धीरे-2 चलकर कछुवा देखो बाजी मार गया।
ठहरा पानी सड़ने लगता बहता पानी निर्मल होता है पॉंव मिला चलने के लिए पॉंव फैलाए मत बैठो।
जीवन में कुछ करना है तो मन मारे मत बैठो।
आगे आगे बढ़ना है तो…………..

pinki kanaujiya

 

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