क्या होता है ? डेट ड्रग्स धोखा what happens? Date drugs cheat

फ्रेंड्स गेट-टूगेदर या डेट पर जा रही हैं, तो एक्स्ट्रा केअरफुल रहने की जरूरत हैं, क्योंकि आजकल डेट रेप की घटनाएं आम हो रही हैं।

आप उससे प्यार करती हैं, कुछ पल उसके साथ गुजरना चहती हैं, इसलिए विश्वास के साथ डेट पर जाती हैं। लेकिन यह जरूरत नहीं कि आप जिस लडके पर विश्वास  कर रही हैं, वह दोस्ती के अड में आपको धोखा ना दे। किसी के साथ नयी-नयी दोस्ती में यह डर ज्यादा होता है। डेट पर जाएं, पर जरा संभल कर। किसी भी पार्टी या सोशल गैदरिंग में अपने करीबी दोस्तों के साथ रहने पर भी सतर्क रहें। जल्दी से किसी पर विश्वास ना करें, क्योंकि गलत किस्म के युवा डेट रेप ड्रग्स का इस्तेमाल कर लडकियों को नुकसान पहुंचाते हैं। डेट रेप ड्रग्स की जानकारियां उन्हें किसी भी मुसीबत में पडने से बचा सकती हैं।

एक्स्ट्रा केअरफुल

  • किसी पार्टी या फ्रेंड्स गेट-टूगेटर में जा रहीं हैं, तो घर में किसी बडे को जरूर बता कर जाएं।
  • पार्टी में कभी भी किसी दूसरी की बनायी ड्रिंक ना लें। अपने सामने बाॅटल ओपनर से बाॅटल खुलवा कर गिलास में ड्रिक डलवाएं।
  • अपनी ड्रिंक हमेशा अपने पास रखें। अगर वाॅषरूम जाना हो, ड्रिंक खत्म करके जाए या आकर फ्रेस ड्रिंक लें। अपनी ड्रिंक किसी से शेयर ना करें।
  • कोई भी ड्रिंक अगर खुले बरर्तन में रखी गयी है, तो उसमें से लेकर ना पिएं। सिर्फ सील्ड ड्रिंक लें।
    अगर आपको ड्रिंक का टेस्ट अजीब सा लगे, तो एक ही सिप के बााद उसे फोरन छोड दें। आपको लगता है कि किसी तरह की कोई नशीली ड्रिंक नहीं ली है, पर फिर भी नशे में झूमने लगें और और हाथ पैर ढिले पडते महसूस हों, तो पार्टी से निकल कर रिसेप्शन पर जाएं और अपने परिवार या सहेली को फोन करके स्थिति की जानकारी दें।

ड्रग्स और असर

  1. किसी भी पार्टी में नए दोस्तों पर रखें। अपने ड्रिंक को अपने हाथ में रखें व अपनी नजर से दूर ना होने दें, जिससे कोई भी आपकी ड्रिंक में नशीली चीज ना डाल पाए।
  2. सामान्य तौर पर डेट रेप में 3-3 तरनशीली ह की दवाइयां इस्तेमाल होती हैं। यह ड्रग युवती पर किस तरह का असर करेगी, यह युवती की उम्र, कद-काठी और ड्रग की मात्रा पर निर्भर करता है। दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. उमा रानी के मुताविक डेट रेप की दवाइयों का असर अलग- अलग हो सकता है।
  3. कम रोशनी वाले कमरों में कोला और बियर जैसी ड्रिंक्स में ड्रग्स मिला कर परोसी जाएं, तो कोई भी इसका अंदाजा नहीं लगा पता।
  4. डेट रेप ड्रग शरीर में जाने के 20 मिनट के बाद असर कररना शुरू कर देती है। ड्रिंक के 3-4 घूंट ही पीने के बाद यह लगने लगता है कि शरीर के अंगों में ताकत नहीं रही। शरीर शिथिल  पड जाता हैं।
  5. रोहिपनाॅल नाम की गोली ओवल षेप में और ग्रीन-ग्रे कलर में आती है। जब इसे किसी क्लीअर लिक्विड में मिलाया जाता है, तो ड्रिंक आसमानी रंग का होता है और किसी डर्क कलर के ड्रिंक में पडते ही ड्रिंक का रंग गहरा स्लेटी हो जाता है।
  6. रोहिपनाॅल नाम की इस गोली से शरीर काबू में नहीं रह पाता, कहीं भी लुडक जाता है। व्यक्ति ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता। नब्ज धीमी पडनी महसूस होती है। आंखों के सामने तारे दिखाने लगते हैं।
  7. इस दवा के असर के कारण कुछ ही देर बाद हाथ से चीज छूटती महसूस होती है। गाडी की चबी, घर की चबी, मोबाइल, पर्स, गिलास आदि चीजें हाथ से गिरने लगती हैं या संभालने में दिक्कत होती है। चलने की ताकत धीमी पड जाती है, शरीर फर्क पर घिसटता हुआ लगता है।
  8. गामा हाइड्रोआॅक्सीब्यूटरेट ( जीएचबी ) नाम की यह ड्रग बिना महक की होती है। इसका रंग हल्का होता है। यह ड्रग आॅइली लिक्विड, पाउडर या गोली, किसी भी रूप् में मिलती है। ड्रिंक में मिलने पर इसका टेस्ट थोडा नमकीन हो जाता है। किसी मीठे या फ्रूट जूस में मिलाने पर इसको पकड पाना नामुमकिन है।
  9. गामा नाम की इस गोली से बाॅडी पर असर 15 मिनट में ही षुरू हो जाता है। 3-4 घंटे तक इसका बना असर रहता है। सांस लेने में दिक्कत होती है और नब्ज धीमी पड जाती है।
  10. इन गोलियों से दिमाग पर असर पडता है। इसे खाने के 15 मिनट के बाद ही सपना दिखता सा मालूम होता है, बेहोशी सी महसूस होती है। मांसपेशियां ढीली और रिलैक्स हो जाती हैं। इतना ही नहीं याददाश्त जा चुकी महसूस होती है। ड्रिंक पीने के बाद क्या हुआ यह तक याद नहीं रहता।
  11. केटामाइन नाम की भी डेट रेप ड्रग बाजार में उपलब्ध है। यह लिक्विड और सफेद पाउडर के रूप में आती है। इसका असर तुरंत होता है। युवती को संभलने तक का मौका नहीं मिल पाता है। इस गोली के शरीर में जाते ही ऐसा महसूस होता है। कि शरीर जरूरत से ज्यादा हल्का हो रहा है।
  12. किसी भी तरह की डेट रेप ड्रग्स खाने से जुबान लडखडाने लगती है। साफ बोलने में दिक्कत होती है। दिमाग के साथ शरीर का सम्पर्क टूटता महसूस होने लगता है। हाथ-पावं पर कंट्रोल नहीं रहता है। व्यक्ति के आसपास क्या हो रहा है कुछ पता नहीं चलता। होश आते ही व्यक्ति को अस्पताल जाना चाहिए, क्योंकि इस ड्रग का असर कुछ घंटे तक ही रहता है। यूरिन का सैंपल टेस्ट कराने पर डेट रेप ड्रग्स दिए जाने के प्रमाण मिलते है।
  13. रोहिपनाॅल नाम की ड्रग का असर 72 घंटे और गामा ( जीएचबी ) नाम की गोली का असर 12 घंटे तक होता है। इसीलिए बिना देरी किए अस्पताल की ओर रूख करें।

ड्रग्स ले लेने के बाद

  1. अगर लगे कि आपको ड्रग दी जा चुकी है, तो तुरंत अचने परिजनों या किसी करीबी को कोल कर दें। यह लेने के 15 मिनट के बाद असर करने लगती है।
  2. अगर तेज मितली सी आने लगे और सिर चकराने लगे, तो कोई अजनबी या खास दोस्त आगे बढ कर आपको डाॅक्टर के पास ले जाने की बात कहे, तो उसके साथ डाॅक्टर के पास ना जाएं। हो सकता है वह डाॅक्टर के पास ले जाने के बहाने कहीं और ले जाए।
  3. बदन काफी टुटा-टुटा लगे, तेज सिर दर्द हो और आपको चाह कर भी कुछ याद नहीं आ रहा हो, तो यह डेट ड्रग्स का असर है।
  4. डेट ड्रग्स का शिकार होने के बाद जब होश आए आौर लगे कि बदन पर कपडे सही तरह से नहीं है, जैसे आप पहन कर आयी थीं, तो समझिए रेप की घटना घट चुकी है। डेट ड्रग्स की शिकार युवती के साथ यौन प्रताडना ही नहीं, वीडियो फिल्म और एमएमएस बना कर नेट पर अपलोड करना भी आम हो गया है।
  5. अपनी किसी विश्वसनीय सहेली का मदद लें और अस्पताल जाएं। तब तक यूरिन ना जाएं, ना नहाएं, ना ब्रश करें, ना हाथ धोएं, ना कपडे ही बदलें, ना ही कुछ खाएं-पिएं, जब तक डाॅक्टर रेप की घटना घट जाने के पुख्ता प्रमाण ना जुटा लें।

LEAVE A REPLY